मिली उनसे यूँ ही अनजाने में…
हुई कई बाते हर फ़साने में…
सीखा मेने ज़िन्दगी जीना कैसे…
दोस्ती है ऐसी, मेरी खुशनसीबी जैसे…

दोस्ती के बारे में क्या कहू,
ज़िन्दगी का जायका है दोस्ती…
चाय में चीनी जैसी,
जीवन की मिठास है दोस्ती…

दोस्ती का जादू है ऐसा,
ज़िन्दगी में भरे खुशनुमा पलों जैसा…
दोस्तों से है ज़िन्दगी में रंग,
हर सुख, हर दुःख में लाए नई उमंग…

अनजाने में मिले यूँ रास्ते,
जुड़ते-जुड़ते दोस्ती में बदल गए…
मिले ज़िन्दगी को नई माइने ऐसे,
की दोस्ती है ऐसी, मेरी खुशनसीबी जैसे…
दोस्ती है ऐसी, मेरी खुशनसीबी जैसे…

Deepali Jain