Monthly Archives

September 2017

INSPIRATION

Pain Changes…..

You do not get to choose the wents that come your way nor the sorrows that interrupt your life.They will likely to be a surprise to you , catching you off gaurd and unprepared.

You may hold your head in your hands and lament on your weak condition and wonder what you ought to do.

To suffer , that is common to all. To suffer and still keep your composure , your faith , and your smile , that is remarkeable.

” Pain will change you more profoundly than success or good fortune. “

Suffering shapes your perception of life , your values and priorities , and your goal and dreams.

Your pain is changing you…..

Kanika Jain

INSPIRATION

आज फिर बारिश ने दहलीज़ पर दस्तक दी….

आज फिर बादलों में काली छठा नज़र आई,

हवाओ ने मौसम में ठंडक सी भर दी…

गीली मिटटी की सौंधी-सौंधी खुशबू आई,

आज फिर बारिश ने दहलीज़ पर दस्तक दी…

बारिश की बूंदों से धरती भीग गई,

गर्मी की तपिश कम हुई और ठंडक का एहसास हुआ…

ना जाने क्यों आज दिल में ख़ुशी सी छा गई,

आज फिर से बारिश में भीगने का मन हुआ…

खेत-खलियानों में हरियाली सी छा गई,

पेड़ पौधों को जीने की वजह मिल गई…

चाय की चुस्की से पुरानी यादे ताज़ा हो गई,

आज फिर से ज़िन्दगी जीने की इच्छा हो गई…

सोचा, काश ये मौसम ऐसा ही रहे,

ऐसा समां यूँ ही बंधा रहे…

ना जाने क्यों आज मौसम ने ख़ुशी सी भर दी,

आज फिर बारिश ने दहलीज़ पर दस्तक दी…

आज फिर बारिश ने दहलीज़ पर दस्तक दी…

INSPIRATION

दोस्ती है ऐसी, मेरी खुशनसीबी जैसे….

मिली उनसे यूँ ही अनजाने में…
हुई कई बाते हर फ़साने में…
सीखा मेने ज़िन्दगी जीना कैसे…
दोस्ती है ऐसी, मेरी खुशनसीबी जैसे…

दोस्ती के बारे में क्या कहू,
ज़िन्दगी का जायका है दोस्ती…
चाय में चीनी जैसी,
जीवन की मिठास है दोस्ती…

दोस्ती का जादू है ऐसा,
ज़िन्दगी में भरे खुशनुमा पलों जैसा…
दोस्तों से है ज़िन्दगी में रंग,
हर सुख, हर दुःख में लाए नई उमंग…

अनजाने में मिले यूँ रास्ते,
जुड़ते-जुड़ते दोस्ती में बदल गए…
मिले ज़िन्दगी को नई माइने ऐसे,
की दोस्ती है ऐसी, मेरी खुशनसीबी जैसे…
दोस्ती है ऐसी, मेरी खुशनसीबी जैसे…

Deepali Jain

INSPIRATION

एक एहसास…..

सोचती हु उसे हर पल…
ना जाने दिल क्यों है बेसब्र…
जब होता है वो आँखों से ओझल…
धड़कने पंहुचा देती उसके पते पर…

कई बार सोचा भ्रम है वो, पाना नहीं है उसे…
मगर नादान दिल ने एक ना सुनी…
आज जब भी होता है उसका एहसास…
याद आती है बहुत सी बाते सुनी-अनसुनी…

दिल में थी बहुत सी बाते…
मगर कह ना पाई उसे…
नींदों में थे बहुत से सपने…
मगर बता ना पाई उसे…

कई बार सोचा, कह दु उसे की क्या है वो…
मगर हिम्मत ने साथ छोड़ दिया…
आज जब सोचती हु की क्या है वो…
तो ज़िन्दगी कहती है की एक खूबसूरत एहसास है वो…
एक खूबसूरत एहसास है वो…

Deepali Jain

Close